मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में एक दुखद घटना ने सामाजिक और पारिवारिक दबावों की जटिलताओं को उजागर किया है। एक युवती के प्रेम प्रसंग और टूटे रिश्ते ने न केवल उसे आत्महत्या का प्रयास करने के लिए मजबूर किया, बल्कि उसके पिता की भी जान ले ली। इस घटना में शादी तय करने वाले बिचौलिये की भी हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।
खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का पड़ोस के गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था, जो दूसरी जाति से था। परिवार की इच्छा के चलते, गांव के ही एक व्यक्ति ने युवती की शादी अपने ही समाज के एक युवक से तय कर दी। हालांकि, करीब 15 दिन पहले युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। पुलिस ने दोनों को बरामद कर युवती को परिजनों के हवाले कर दिया, क्योंकि परिवार ने इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
घर लौटने के बाद, युवती ने मानसिक दबाव में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट आई। लेकिन इस घटना ने परिवार पर गहरा असर डाला। बताया जाता है कि शादी तय करने वाले बिचौलिये की 18 जून को हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इसके बाद, 26 जून को युवती के पिता ने, संभवतः इस तनाव और सामाजिक दबाव के चलते, फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
सीओ किठौर, प्रमोद कुमार, ने बताया कि पिता की आत्महत्या का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।


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